Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बदलते मौसम में सेहत का विशेष खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना पड़ता है। इस मौसम में जरा सी लापरवाही à¤à¥€ नà¥à¤•सानदेह होता है। इस लापरवाही से कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारियां होती है। जिसमें फेफड़ों से संबंधित बीमारियां की संखà¥à¤¯à¤¾ अधिक है। à¤à¤¸à¥‡ में आज हम आपको बदलते मौसम में अपने फेफड़े को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के किन फलों का सेवन करना चाहिà¤, इसके बारे में बताने जा रहे हैं। आइठजानते हैं।
गाजर
गाजर में à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ à¤à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ और विटमिन-ठऔर विटमिन-सी पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। जो आंखों के साथ साथ फेफड़े के लिठà¤à¥€ रामबाण है। इसके सेवन से न केवल आंखों की रोशनी बà¥à¤¤à¥€ है बलà¥à¤•ि फेफड़े से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दूर होती है। इसके लिठआप गाजर को सलाद, हलवा या फिर सà¥à¤¨à¥‡à¤•à¥à¤¸ के रूप में खा सकते हैं।
अनार
अनार के सेवन से शरीर में रकà¥à¤¤ की कमी दूर होती है। इसके साथ ही अनार के सेवन से फेफड़ों का à¤à¥€ फिलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो जाता है। जिससे लंगà¥à¤¸ सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रूप से कारà¥à¤¯ करने लगता है। जिस किसी को फेफड़े से संबंधित कोई à¤à¥€ बीमारी अथवा परेशानी हो, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनार का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिà¤à¥¤
सेब
इसमें विटामिन-सी और विटामिन-ई दोनों ही पाठजाते हैं जो लंगà¥à¤¸ के लिठबहà¥à¤¤ ही फायदेमंद होता है। इसके साथ ही सेब में पाठजाने वाले विटामिन-सी और ई कैंसर जैसी घातक बीमारी में à¤à¥€ मददगार है। अगर आप टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤²à¤¿à¤‚ग से रेलेटेड वरà¥à¤• करते हैं, तो आपको फेफड़ों से संबंधित बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में हमेशा अपने साथ à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² रखें और जब à¤à¥€ मौका मिले तो सेब जरूर खाà¤à¤‚। इसका आप जूस à¤à¥€ पी सकते हैं।
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
वैसे तो बà¥à¤°à¥‹à¤•ली की गिनती गà¥à¤°à¥€à¤¨ वेजिटेबलà¥à¤¸ में होती है, लेकिन आप बà¥à¤°à¥‹à¤•ली का सेवन सलाद, सबà¥à¤œà¥€ बनाकर या फिर सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ में कर कर सकते हैं। इसमें विटामिन-ठऔर सी के साथ साथ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, आयरन और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाठजाते हैं जो फेफड़ों के लिठकिसी दवा से कम नहीं है।
| --------------------------- | --------------------------- |